01/05/2026
आज एक ऐसी शख्सियत के बारे में लिखने का मन हुआ, जिनसे कई बार मुलाकात और बातचीत का मौका मिला। नाम है सैयद गुलज़ार अहमद हाशमी साहब, संभल के रहने वाले एक सच्चे समाजसेवी।
मेरी नज़र में अगर कोई व्यक्ति ईमानदारी, दूरदर्शिता और खामोशी से काम करने का असली उदाहरण है, तो वो यही हैं। सबसे खास बात यह है कि इन्होंने बिना किसी राजनीतिक पद या ताकत के, संभल के विकास के लिए कई अहम काम किए—चाहे रोडवेज बस अड्डे की बात हो, बाईपास हो या अन्य जनहित के मुद्दे।
कई बार उनसे कहा गया कि आप विधानसभा चुनाव लड़िए, लेकिन उनका जवाब हमेशा यही रहा कि “मैं अल्लाह की रज़ा के लिए, सवाब की नीयत से लोगों के काम करता हूं, राजनीति में नहीं आना चाहता।”
लेकिन मेरा मानना है कि ऐसे ही लोगों को आगे आना चाहिए। अगर बिना पावर के कोई इतना कुछ कर सकता है, तो सोचिए अगर उन्हें विधायक बनने का मौका मिले, तो संभल की तस्वीर ही बदल सकती है।
यह सिर्फ मेरी राय नहीं, बल्कि बहुत से लोगों की भावना है कि सैयद गुलज़ार अहमद हाशमी जैसे ईमानदार और काबिल इंसान को राजनीति में लाकर आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
देखते हैं आगे क्या होता है, लेकिन दिल से दुआ है कि ऐसे लोग आगे आएं और संभल का नाम रोशन करें।