20/04/2025
हमलोगों के यहां विभिन्न संस्कारों जैसे छठियार, मुंडन, उपनयन,विवाह आदि अवसरों पर, विभिन्न त्योहारों जैसे सामा चकेबा, छठ आदि के अवसरों पर, विभिन्न ऋतुओं जैसे चैत, सावन आदि के अवसरों पर घर के दीदी,चाची, दादी, मामी, नानी, काकी के द्वारा अलग अलग गीत गाए जाते हैं। उन गीतों में सामान्य तौर पर कोई साज बाज का प्रयोग नहीं होता है किंतु ऐसे गीत अपने लय से हर आंगन की शोभा बढ़ाते हैं।
ऐसे गीतों को सहेजने और लोकगायन की परंपरा को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से सहरसा ग्रुप आप सभी के बीच लोकगीतों जो लोककंठ के माध्यम से की एक प्रतियोगिता लेकर आ रहा है। प्रतियोगिता से जुड़ी बातें निम्नलिखित हैं -
1.प्रतियोगिता दो श्रेणियों - एकल और समूह गायन में आयोजित की जाएगी।
2.प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए आपको ऐसे गाने का वीडियो रिकॉर्ड कर हमें भेजना है।
3.प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए कोई उम्र सीमा नहीं है।
प्रतियोगिता में दोनों श्रेणियों के विजेता को नकद पुरस्कार और सम्मान प्रदान किया जाएगा।
4. आपके द्वारा भेजे गए गाने को पेज पर पोस्ट किया जाएगा।
5. प्रतियोगिता में कोशी और मिथिला क्षेत्र के कोई भी व्यक्ति हिस्सा ले सकते हैं
6. प्रतियोगिता में भेजे गए वीडियो में कोई भी बैकग्राउंड म्यूजिक नहीं होना चाहिए और वीडियो अधिकतम 7 मिनट का हो।
7. वीडियो 15 मई, 2025 से 15 जुलाई, 2025 तक भेजा जा सकता है।
8. प्रतियोगिता का परिणाम 15 अगस्त, 2025 को ज्यूरी सदस्यों तथा सोशल मीडिया पर प्रदर्शन के आधार पर घोषित किया जाएगा।
9. इस प्रतियोगिता में दोनों श्रेणियों में कुल 08-08 पुरस्कार होंगे जिसमें प्रथम, द्वितीय, तृतीय के साथ 05 प्रोत्साहन पुरस्कार होंगे।
तो आइए अपने घर-आंगन, अपने टोला - मोहल्ला, अपने गांव- शहर तक इस संदेश को पहुंचाइए और अपने पारंपरिक गीतों का वीडियो भेजिए।
इस कार्यक्रम को सहयोग करने के लिए या पुरस्कार स्पॉन्सर करने के लिए आप हमसे संपर्क कर सकते हैं।
जय सहरसा।