20/12/2024
तुलसी-पूजा क्यों ?
25 दिसम्बर को देश-विदेश में अनेक स्थानों पर तुलसी पूजन दिवस मनाया जायेगा । आइये जानते हैं रोग, शोक, पाप, ताप, दरिद्रता हर के आरोग्य, सुख-शांति व समृद्धि देनेवाली तुलसी के पूजन का धार्मिक व वैज्ञानिक महत्त्व :
हिन्दू धर्म में तुलसी बड़ी पवित्र एवं अनेक दृष्टियों से महत्त्वपूर्ण मानी गयी है । हिन्दुओं के प्रत्येक शुभ कार्य में, भगवान के प्रसाद में तुलसी-दल का उपयोग होता है । धर्मग्रंथों में लिखा है कि जिस स्थान पर तुलसी का एक भी पौधा होता है वहाँ ब्रह्मा, विष्णु, शिव आदि समस्त देवों तथा पुष्कर आदि तीर्थों, गंगा आदि सरिताओं का निवास होता है । अतः नित्य पूजा करके तुलसी को जल चढ़ाने से समस्त देवों के पूजन का फल मिलता है । सायंकाल को इसके पास दीपक जलाकर रखने से भगवान विष्णु स्वयं रक्षा करते हैं ।
पूज्य बापूजी के सत्संग-वचनामृत में आता है : ‘‘तुलसी आयु, आरोग्य व पुष्टि देती है । घर में तुलसी के 2-4 पौधे जरूर होने चाहिए । इसके पौधे में ऑक्सीजन देने का बहुत सामर्थ्य है और उससे साधना में मददरूप तरंगें उत्पन्न होती हैं । तुलसी का पत्ता रखकर भगवान को भोग लगा के भोजन करो तो वह भगवत्प्रसादवाला भोजन आपके मन में भगवत्प्राप्ति की भूख जगा देगा ।
कोई तुलसी को सींचता रहे और सोचे कि ‘मुझे नरक मिले’ तो भी नहीं मिल सकता है । केवल तुलसी का पौधा घर में लगा दे और सुबह-सुबह उसका दर्शन करे, जल चढ़ाये तो कंगाल-से-कंगाल व्यक्ति भी रोज सवा माशा (करीब सवा ग्राम) सुवर्णदान का फल पा सकता है ।
जो व्यक्ति सुबह तुलसी के 5-7 पत्ते चबाकर पानी पीता है उसकी स्मरणशक्ति बढ़ती है, ब्रह्मचर्य मजबूत होता है और जलोदर (Ascites), भगंदर (Fistula) कभी नहीं होता है । 800 बीमारियाँ दूर करने की ताकत इसके पत्तों में है । बहुत सारी बीमारियाँ, जिनका उपचार हम नहीं जानते उन पर भी तुलसी का बहुत असर होता है ।
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