02/06/2023
2005 से पहले जब कुमार संगाकारा या एडम गिलक्रिस्ट को देखता था तो लगता था यार हमारे पास ऐसा विकेटकीपर क्यों नही जो उच्चस्तरीय बल्लेबाजी भी करे।
फिर धोनी उभरकर आया उस मैच सहवाग बुरे तरीक़े से बॉलर्स की पिटाई कर रहा था 40 बॉल्स बस 74 रन लग रहा था 51-52 गेंद पर शतक आ जाएगा लेकिन आउट हो गया औऱ मैं दुखी लेकिन फिर धोनी की वो 148 रन कि अद्भुत पारी देखी और लगा हमको भी मिला है कोई विकेट कीपर बल्लेबाज।
उसके बाद पाकिस्तान दौरे पर युवराज के साथ कुछ बेहतरीन रन चेज देखी। और धोनी पसंदीदा क्रिकेटर्स में से एक हो गए।
2011 विश्वकप में बहुत अच्छी या ज्यादा बल्लेबाजी नही की थी इन्होंने लेकिन फाइनल में आगे उतर जाना और वो शानदार 91 नॉटआउट रन बना देना ये बताता है कि कितनी मजबूत मानसिकता है उनकी कितने स्पेशल प्लेयर हैं वो।
किसी बात धोनी के फैंस को हमलोग टोक देते हैं धोनी के खेल लेकर भी कभी कुछ सर्कास्टिक बातें कह देते हैं।
क्योंकि कभी कभी ऐसा महसूस होता है कि ये लोग ज्यादा ही बोल रहे हैं या यहाँ पर दूसरे क्रिकेटर्स को भी महत्ता मिलनी चाहिए तो।
धोनी को लेकर किसी बात में कमी निकाल देने वाला हर कोई हेटर नही है भाई वो निरपेक्ष समालोचक भी हो सकता है।
लेकिन धोनी हेटर नही हैं यार हमलोग धोनी को हेट करना असंभव बातों में से एक हैं हाँ धोनी बहुत ज्यादा फेवरेट नही हैं सबकी अपनी चॉइस होती है लेकिन धोनी को लेकर रिस्पेक्ट हमारे फेवरेट से भी ज्यादा है!