30/12/2017
*पूर्व खिलाडियों की पहल से शुरू हुई सदियों पहले बंद हुई ट्राफी*
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दरभंगा। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, कामेश्वर नगर, दरभंगा के नागेन्द्र झा स्टेडियम में मिथिला स्पोर्ट्स क्लब, दरभंगा द्वारा आयोजित हुई दो दिवसीय राजबहादुर विशेश्वर सिंह फुटबॉल प्रतियोगिता टूर्नामेंट। जिसमें दरभंगा सहित समस्तीपुर जिले के आठ टीमों(पुरुष और महिला) ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। ज्ञात हो कि यह प्रतियोगिता सदियों पहले बंद हो चूकी थी, क्योंकि दरभंगा और बिहार के खेल इतिहास ने राजबहादुर विशेश्वर सिंह को भूला दिया था । विशेश्वर सिंह भारतीय फुटबॉल संघ के पहले सचिव ही नही बिहार इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट (दरभंगा नगर निगम ) के निदेशक के साथ साथ एक बेहतर पोलो, टेनिस, हॉकी और शानदार निशानेबाज के साथ साथ फूटबॉल के मजे हुए खिलाड़ी रह चुके थे। जहाँ आज भारतीय फुटबॉल संघ के संतोष सिंह के नाम पर संतोष ट्राफी भारत मे फुटबॉल की पहचान बन चुकी है वही विशेश्वर सिंह जैसे खिलाड़ी को भारत ही नही मिथिलांचल भी भूल चुका है। आज पूरा विश्व फुटबाल खेल का दिवाना है परंतु फुटबॉल के इतिहास मे दरभंगा का योगदान भी पूराना रहा है। दरभंगा से ही एक चिंगारी भडकी थी अखिल भारतीय फुटबाल संघ की स्थापना की जो चिंगारी आज शोला बन चुकी है पर अफसोस कि जिस शहर से यह चिंगारी भडकी थी आज तक फुटबॉल के इतिहास में उस शहर का जिक्र नहीं हुआ। जिक्र न होना यह कोई नयी बात नहीं परंतु जो ट्राफी राजा बहादुर विशेश्वर सिंह के नाम पर आयोजित होती थी उस का आयोजन बंद होना दरभंगा खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति साबित हुई, आज किक्रेट का रणजी ट्रॉफी अपने चरमोत्कर्ष पर खिलाडियों को एक नई दिशा दे रहा है। काश! फुटबॉल के लिए भी विशेश्वर सिंह ट्राफी फुटबॉल खेल जगत को दिशा दे पाता। लेकिन फिर भी एक नई उम्मीद के साथ दरभंगा खेल जगत के फुटबॉल के लिए यह ट्राफी फिर से शुरू होना गौरव की बात साबित होगी। मैच का उद्घाटन नगर के ऊर्जावान युवा नगर विधायक श्री संजय सरावगी ने महाराज विशेश्वर सिंह के तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया। उन्होंनें अपने संबोधन में कहा कि यह प्रतियोगिता विशेश्वर सिंह को सच्ची श्रद्धांजली के रूप में समर्पित होगी। इस तरह के आयोजन बंद होने पर नगर विधायक जी ने निराशा जताया उन्होंनें विशेश्वर सिंह जी के भारतीय फुटबॉल संघ के सचिव के रूप में योगदान का उल्लेख करते हुए आयोजन समिति को पुनः इस आयोजन को शुरू करवाने के लिए बधाई और
शुभकामनाएँ दी। उन्होंने आस्वस्त किया की ऐसे प्रतियोगिताओं में अपनी हर संभव उपस्थिति दर्ज करेंगे। पहला मैच गररी (जोगियार) और शुभंकरपुर के बीच खेला गया जिसमें गररी ने 1-0 से मैच जीता। दूसरा मैच हरिहरपुर और सकरी के बीच खेला गया जिसमें हरिहरपुर ने 3-0 से जीत दर्ज की। महिला फूटबॉल में दलसिंहसराय और दरभंगा में बीच 1-1 बराबरी के बाद पैनल्टी में भी 5-5 बराबरी के बाद सिडैन डेथ बॉल से दलसिंहसराय को टीम को पराजय का मुह देखना पड़ा। आज के विजेताओं को कल सेमीफाइनल और फाइनल खेलना है।
समाचार लिखे जानेतक गररी एवं मिथिला स्पोर्ट्स क्लब का सेमीफाइनल मैच चल रहा था।
इस मौके पर आयोजन समिति के सचिव मनीष राज ,अध्यक्ष गूँजेश कुमार झा, संयोजक संतोष कुमार पूर्व खिलाड़ियो में मो० अरसद बेग,राजू पासवान, दिनेश पंडित, महेश पासवान, उमेश कुमार पासवान, दिवाकर झा आदि कई खिलड़ियों ने इस प्रतियोगिता के प्रति अपनी सहभागिता दिखाते हुए प्रतियोगिता के सफल होने की कामना की। ज्ञातव्य हो कि राजबहादुर विशेश्वर सिंह का देहांत 1958 में हुआ था