18/10/2025
मिट्टी का pH क्या होता हैं जानिए:-
मिट्टी का pH मान 6.0 से 7.5 के बीच होने पर पौधों को पोषक तत्व आसानी से उपलब्ध होते हैं। लेकिन, जब यह मान इस सीमा से कम या ज्यादा होता है, तो फसलों और मिट्टी पर कई हानिकारक प्रभाव पड़ते हैंऔर खाद देने के बाद भी रिजल्ट नहीं मिलते।
A. मृदा में pH कम होने पर (अम्लीय मिट्टी हो जाती हैं)
जब मिट्टी का pH 6.0 से कम हो जाता है, तो यह अम्लीय हो जाती है। इसके मुख्य प्रभाव इस प्रकार हैं:
✅ पोषक तत्वों की कमी: अम्लीय मिट्टी में कैल्शियम, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, पोटेशियम और मोलिब्डेनम जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व पौधों के लिए कम उपलब्ध हो जाते हैं। इससे पौधों की वृद्धि रुक जाती है और वे कमजोर हो जाते हैं।
✅ विषैले तत्वों की अधिकता: अम्लीय वातावरण में एल्यूमीनियम, मैंगनीज और आयरन जैसे तत्व अधिक घुलनशील हो जाते हैं, जिससे इनकी अधिकता पौधों के लिए विषाक्त (toxic) हो सकती है। यह पौधों की जड़ों को नुकसान पहुंचाता है और पोषक तत्वों के अवशोषण को बाधित करता है।
✅ सूक्ष्मजीवों की गतिविधि में कमी: मिट्टी में मौजूद लाभकारी सूक्ष्मजीव (microorganisms) जो जैविक पदार्थों को विघटित करते हैं और पोषक तत्व उपलब्ध कराते हैं, वे अम्लीय मिट्टी में कम सक्रिय हो जाते हैं।
✅ मिट्टी की संरचना खराब होना: अम्लीय मिट्टी अधिक चिकनी और कठोर हो सकती है, जिससे जल निकासी और वायु संचार में समस्या आती है।
B. मृदा में pH ज्यादा होने पर (क्षारीय मिट्टी हो जाती है)
जब मिट्टी का pH 7.5 से अधिक हो जाता है, तो यह क्षारीय हो जाती है। इसके मुख्य प्रभाव इस प्रकार हैं:
✅ पोषक तत्वों की अनुपलब्धता: क्षारीय मिट्टी में आयरन, जिंक, मैंगनीज, बोरॉन और कॉपर जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व अघुलनशील रूप में बंध जाते हैं। ये मिट्टी में मौजूद होते हैं, लेकिन पौधे इन्हें अवशोषित नहीं कर पाते हैं।
✅ खराब मिट्टी की संरचना: क्षारीय मिट्टी में सोडियम की मात्रा अधिक हो सकती है, जिससे मिट्टी की संरचना खराब हो जाती है। यह सख्त और अनुपयोगी हो जाती है, जिससे जड़ों का विकास रुक जाता है और जल निकासी भी प्रभावित होती है।
✅ लवणता में वृद्धि: अक्सर, क्षारीय मिट्टी में लवण (salts) भी अधिक होते हैं। यह पौधों की जड़ों को नुकसान पहुंचाता है और पानी के अवशोषण में बाधा डालता है, जिससे पौधों का विकास धीमा हो जाता है।
✅ पौधों की वृद्धि में कमी: पोषक तत्वों के असंतुलन और खराब मिट्टी की संरचना के कारण, पौधों की समग्र वृद्धि प्रभावित होती है। पत्तियां पीली पड़ सकती हैं, और फसल की उपज कम हो जाती है।
कृपया ध्यान दें: -
👉यदि मिट्टी का ph अधिक है तो आप
सल्फर 25kg, जिप्सम 100kg प्रयोग करें बुवाई के समय बेस्ट रिजल्ट मिलेंगे ph कम होगा
(कार्बन की मात्रा बढ़ाएं मिट्टी में)
कैल्शियम मैग्नीशियम पोटेशियम अधिक होने से भी ph बढ़ जाता है
“मृदा का पीएच 7.5 होना चाहिए”
अधिक रासायनिक खाद का उपयोग और खारे पानी से लगातार सिंचाई से मिट्टी का पीएच बढ़ता है।
👉यदि मिट्टी का ph कम है तो आप :-
4 से 5 तक तो चूने का प्रयोग करें
चूने का उपयोग करें
चूना क्यों: चूना, जिसे कृषि चूना भी कहा जाता है, मिट्टी की अम्लता को कम करता है और उसके पीएच स्तर को बढ़ाता है।
चूने का प्रकार: सामान्य कृषि चूना (कैल्शियम कार्बोनेट) या डोलोमाइटिक चूना (कैल्शियम और मैग्नीशियम का मिश्रण) इस्तेमाल किया जा सकता है।
लेकिन अधिकतर खेतों में मिट्टी का पीएच मान अधिक ही होता है कम करने के लिए -
💥संतुलित मात्रा में रासायनिक खाद का इस्तेमाल करें !
💥सल्फेट या जिप्सम इस्तेमाल करे।
💥फसल चक्र अपनाए।
💥कार्बनिक पदार्थ(ऑर्गेनिक मेटर) बढ़ाएं।
#किसान #खेत