18/08/2026
अबू लहब..और मीलाद
जब अबू लहब मर गया तो उस के बा'ज़ घर वालों ने उसे ख़्वाब में बुरे हाल में देखा। पूछा, "क्या मिला ?" बोला : तुम से जुदा हो कर मुझे कोई खैर नसीब न हुई ।
फिर अपने अंगूठे के नीचे मौजूद सूराख की तरफ इशारा करते हुए कहने लगा : सिवाए इस के, कि इस में से मुझे पानी पिला दिया जाता है क्यूं कि मैं ने सुबैबा लौंडी को आज़ाद किया था।
) مصنف عبد الرزاق ج ۹ ص ٩ حديث ١٦٦٦١ و عمدة القاري ج ١٤ ص ٤٤ تحت الحديث ٥١٠١ )
عمدة القاري
ह़ज़रते अल्लामा बदरुइदीन ऐनी عَلَيْهِ مَا الله القوي फ़रमाते हैं :
इस इशारे का मतलब येह है कि मुझे थोड़ा सा पानी दिया जाता है।