13/03/2026
आर.बी. पी.जी. एग्रीकल्चर कॉलेज में इंडो–जापान कृषि कौशल, जैविक खेती एवं रोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ सफल आयोजन
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प्रतिभागियों को जापान में रोजगार के अवसर, जैविक खेती व सतत कृषि प्रणाली की दी गई जानकारी
समाचार
आगरा।
आर. बी. (पी.जी.) महाविद्यालय, आगरा में दिनाँक 13 मार्च दिन शुक्रवार को “कार्यक्रम” का भव्य शुभारंभ बड़े ही उत्साह और जोश के साथ आयोजित किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के निदेशक डॉ. पी. के. करहाना जी ने दीप प्रज्वलित कर एवं फीता काटकर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस उत्साहपूर्ण आयोजन में लगभग 200 से अधिक प्रतिभागियों की भागीदारी रही।
आर. बी. (पी.जी.) महाविद्यालय, आगरा के ऑडिटोरियम हॉल में शुक्रवार को “भारत-जापान कृषि कौशल एवं रोज़गार प्रशिक्षण कार्यक्रम” का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भारत और जापान सरकार के सहयोगात्मक ढांचे के अंतर्गत आयोजित हुआ, जिसमें राष्ट्रीय कौशल विकास निगम तथा स्किल इंडिया मिशन का सहयोग रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों तथा कृषि विशेषज्ञों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक डॉ. जावेद अनवर वारसी जी ने ने महाविधलय में ऐसी गतविधियों के संचालन हेतु महाविद्यालय प्रशासन को सराहा एवं भारत सरकार तथा जापान से आये हुए डेलिगेशन का धन्यवाद ज्ञापित किया
जापान के सेकेटरी फ़ूड एंड एग्रीकल्चर ताकीहियो हयासे ने कहा कि जापान में प्रशिक्षित कृषि युवाओं की मांग बढ़ रही है और भारतीय छात्र अपनी तकनीकी क्षमता, अनुशासन और परिश्रम के बल पर वहां बेहतर रोजगार प्राप्त कर सकते हैं।
कार्यक्रम में आरo इo पीo नई दिल्ली के सीo ईo ओo राजेंद्र सिंह ने युवाओं को कौशल आधारित शिक्षा और उद्यमिता को अपनाने के लिए प्रेरित किया। वहीं जापान से आए जीका एक्सपर्ट अकीरा कुरियामा ने छात्रों को जापान में रोजगार प्राप्त करने की प्रक्रिया, आवश्यक कौशल और कार्य संस्कृति के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
नेशनल चैम्बर ऑफ़ एग्रीकल्चर जापान के जनरल मैनेजर योही सतो, सेक्शन चीफ कोही अओकी, प्रोजेक्ट प्लानर मिहो तोगाकी तथा चीफ अतुशी कोजिमा ने जापान में भारतीय कृषि विशेषज्ञो की मांग एवं भारतीय कृषि की परम्परागत तकनिकी का जापान की आधुनिक तकनिकी के संयोजन के महत्व के बारे में विस्तार से चर्चा की। इनसीटुडे फॉर डेवलोपमेन्ट ऑफ़ एग्रीकल्चरल कॉपरेशन इन एशिया जापान के प्लानिंग ग्रुप हिरोशी अकुत्सु तथा इन्तेर्नतिओन कॉपरेटिव एसोसिएशन जापान के युया हांडा ने भारतीय युवाओं को जापान की कृषि कंपनियों में नौकरी करने हेतु कौन कौन सी सुविधाएं मिलेगी एवं वहां के परिवेश में भारतीय छात्रों को किन किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा को विस्तार से समझाया।
कार्यक्रम के आयोजक सचिव एवं निदेशक डॉ. पी. के. करहाना जी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए जापानी प्रतिनिधियों एवं समस्त प्रतिभागियों के समक्ष कॉलेज का संक्षिप्त परिचय, कृषि फार्म पर संचालित योजनाए, छात्रों को कराये जा रहे नवाचार, बीज प्रसंस्करण, अनुसन्धान आदि पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने यह भी बताया कि संस्थान डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा से संबद्ध है और यहां छात्रों को आधुनिक कृषि शिक्षा के साथ व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाता है।
इस अवसर पर राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्विधालय अलीगढ के कृषि संकाय के पूर्व डीन डॉ. कमल सिंह ने जैविक खेती एवं आधुनिक कृषि के महत्व पर व्याख्यान दिया एवं टिकाऊ कृषि प्रणाली को अपनाने पर जोर दिया। वहीं कृषि विज्ञान केन्द्र फिरोजाबाद के विषय विशेषज्ञ डॉ. सुभाष चंद्र ने सतत कृषि प्रणाली पर व्याख्यान देते हुए किसानों और छात्रों को फसल विविधीकरण, जल संरक्षण तथा जैविक तकनीकों को अपनाने की सलाह दी।
कार्यक्रम के सह-आयोजन सचिव डॉ. पीo केo अग्निहोत्री संयोजक डॉ. विक्रांत अग्रवाल एवं सह-संयोजक डॉ. गवेंद्र तिवारी, डॉ. राघवेन्द्र सिंह धाकरे, डॉ. रजनी चौहान तथा डॉ. पुनीत शर्मा के निर्देशन में कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर डॉ. प्रवीन कुमार सिंह, डॉ. मुद्दसिर खान, डॉ. मुनिजा बेगम, डॉ. अनिल कुमार सिंह, डॉ. शिव कुमार सरोज, इंजी. प्रेम कुमार सिंह, डॉ. रामप्रकाश शर्मा, डॉ. ऋषभ शुक्ला, डॉ. अभिषेक चन्द्रा आदि शिक्षक भी मौजूद रहे।