Hindu Riti Riwaj & Parv

Hindu Riti Riwaj & Parv To make the family aware about our culture,rituals and festivals

Maa Shailputri  din
22/09/2025

Maa Shailputri din

Shrikrishna gyan
25/07/2025

Shrikrishna gyan

11/07/2025

सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। इस दौरान यदि सही विधि से पूजा की जाए, तो भोलेनाथ शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्त की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं।

सुबह ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। घर और पूजा स्थल को साफ करें। फिर पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करें।
शिवलिंग को गंगाजल और कच्चे दूध से स्नान कराएं। इसके बाद शुद्ध जल से धोकर साफ करें।
शिवलिंग पर बेलपत्र , धतूरा, सफेद पुष्प, भस्म, मिठाई और गाय का दूध अर्पित करें।
पूजन के दौरान ॐ नमः शिवाय मंत्र का 108 बार जप करें। चाहें तो शिव जी के 108 नामों का पाठ भी कर सकते हैं।
शिव चालीसा का पाठ करें और उसके बाद शिव आरती करें। अंत में हाथ जोड़कर भगवान शिव से अपने जीवन में सुख, समृद्धि और शांति की कामना करें।
सावन में इस तरह श्रद्धा से पूजा करने पर भगवान शिव अपने भक्तों को आशीर्वाद देकर जीवन को खुशहाल बना देते हैं।

11/07/2025

सावन के सोमवार व्रत की तिथियां
14 जुलाई – पहला सोमवार व्रत
21 जुलाई – दूसरा सोमवार व्रत
28 जुलाई – तीसरा सोमवार व्रत
04 अगस्त – चौथा और अंतिम सोमवार व्रत
इसके बाद 09 अगस्त को सावन पूर्णिमा के साथ यह पावन महीना समाप्त होगा। इसी दिन रक्षाबंधन का त्योहार भी मनाया जाएगा

Aap sabhi ko Guru Purnima ki Hardik Shubhkamnayein
10/07/2025

Aap sabhi ko Guru Purnima ki Hardik Shubhkamnayein

भगवान जगन्नाथ हर साल 15 दिनों के लिए बीमार क्यों पड़ते हैं, इसका संबंध उनकी एक विशेष लीला और परंपरा से जुड़ा है, जिसे "अ...
28/06/2025

भगवान जगन्नाथ हर साल 15 दिनों के लिए बीमार क्यों पड़ते हैं, इसका संबंध उनकी एक विशेष लीला और परंपरा से जुड़ा है, जिसे "अनवसर काल" या "अनवसर उत्सव" (Anavasara Utsav) कहा जाता है।

जब रथ यात्रा से पहले ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा जी को स्नान मंडप में लाकर 108 कलशों से विशेष रूप से अभिषेक किया जाता है — इसे स्नान यात्रा कहा जाता है। इस महाभिषेक के बाद माना जाता है कि भगवान को सर्दी-ज़ुकाम या बुखार जैसा रोग लग जाता है।

🔸 फिर क्या होता है?
इसके बाद भगवान जगन्नाथ और उनके भाई-बहन 15 दिनों के लिए आम दर्शन से ओझल हो जाते हैं। इस अवधि को "अनवसर" कहा जाता है — यानी जब भगवान बीमार होते हैं और आराम करते हैं। उन्हें "नृसिंह चिकित्सालय" में रखा जाता है, जहां वैद्य उनकी सेवा करते हैं और औषधीय काढ़ा (दवा) दी जाती है।

🔸 इस दौरान क्या दर्शनीय होता है?
इस समय भक्त भगवान के दर्शन नहीं कर पाते, लेकिन सभी को यह याद दिलाया जाता है कि भगवान भी हमारी तरह भावनाओं और स्थितियों से जुड़ते हैं — वे भी "लीलात्मक रूप" में बीमार पड़ते हैं।

🔸 15 दिन बाद क्या होता है?
15 दिन बाद भगवान स्वस्थ होकर "नवयौवन" रूप में प्रकट होते हैं, जिसे "नवजौवन दर्शन" कहते हैं। इसके कुछ ही दिन बाद भव्य रथ यात्रा का आयोजन होता है।

🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

26/06/2025

Jai ho...

21/05/2025

Address

Ghaziabad

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Hindu Riti Riwaj & Parv posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share

Category